ब्रेकिंग न्यूज़ | दिल्ली-NCR पर ‘प्रोफेशनल’ आतंक का साया: लाल किले के पास धमाका… और उससे ठीक पहले ‘डॉक्टर’ के घर से 3,000 किलो विस्फोटक जब्त

फरीदाबाद (हरियाणा): राजधानी दिल्ली में हुए बड़े धमाके से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने एक ऐसी ‘महा-साजिश’ को नाकाम कर दिया, जो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) को दहला सकती थी। इस सनसनीखेज खुलासे ने पूरे देश को चौंका दिया है:

ऑपरेशन ‘फरीदाबाद’: अगर कुछ घंटे देर होती, तो…

सोमवार शाम को दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास एक कार में हुए धमाके में 8 लोगों की मौत हो गई और 20 घायल हो गए थे।
लेकिन इस भयानक घटना से कुछ ही घंटे पहले, जम्मू-कश्मीर पुलिस की इंटेलिजेंस और अन्य एजेंसियों ने फरीदाबाद, हरियाणा में दो रिहायशी घरों पर रेड की, और वहां से लगभग 3,000 किलोग्राम (3 टन) विस्फोटक सामग्री जब्त की। यह दिल्ली-NCR क्षेत्र में हुई सबसे बड़ी बरामदगियों में से एक है।

बरामदगी का सामान:

जब्त किए गए सामान में 350 से 360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट (जो उच्च-शक्ति वाले बम बनाने में इस्तेमाल होता है) शामिल था। इसके अलावा डेटोनेटर, तार और 20 टाइमर भी मिले।

साजिश का पैमाना:

इतने बड़े पैमाने पर विस्फोटक जमा करने का मतलब था कि आतंकी NCR में एक साथ कई, बड़े धमाके करने की तैयारी में थे। यह कार्रवाई एक बहुत बड़ी तबाही को टालने में सफल रही।

सबसे बड़ा खुलासा:

मास्टरमाइंड कोई गुंडा नहीं, बल्कि एक ‘डॉक्टर’ और ‘प्रोफेसर’. इस पूरे आतंकवादी मॉड्यूल की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसका नेतृत्व समाज के उच्च-शिक्षित लोग कर रहे थे। मुख्य आरोपी (प्रोफेसर): गिरफ़्तार किए गए मुख्य आरोपियों में डॉ. मुज़म्मिल अहमद गनई (Dr. Muzammil Ahmad Ganaie) शामिल हैं, जो फरीदाबाद में अल-फलाह यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर काम करते थे [2]।

मुख्य आरोपी (डॉक्टर): दूसरा मुख्य आरोपी डॉ. आदिल अहमद राथर (Dr. Adil Ahmad Rather) है, जो पुलवामा का रहने वाला डॉक्टर है।

प्रोफेशनल कवर: इन उच्च-शिक्षित लोगों ने अपने “प्रोफेशनल” रुतबे का इस्तेमाल आसानी से घर किराए पर लेने और बिना किसी शक के इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक जमा करने के लिए किया।
डॉ. आदिल राथर की गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से हुई थी, जब उन्हें जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के पोस्टर चिपकाते हुए CCTV फुटेज के आधार पर पकड़ा गया। इसी इंटेलिजेंस से पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ।

खतरे की घंटी: JeM और अल-कायदा का कनेक्शन!

पुलिस ने पुष्टि की है कि यह आतंकी मॉड्यूल अंतर-राज्यीय (inter-state) और सीमा पार (transnational) नेटवर्क से जुड़ा था। इसके तार पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अल-कायदा से जुड़े अंसार ग़ज़वत-उल-हिंद (AGH) जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़े थे [1]।

हथियारों की बरामदगी: फरीदाबाद से गिरफ्तार एक महिला सहयोगी की कार से असॉल्ट राइफल और गोला-बारूद भी बरामद हुआ, जो यह दर्शाता है कि यह मॉड्यूल सिर्फ बम धमाकों तक ही सीमित नहीं था।
इस सनसनीखेज खुलासे के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को तुरंत कार्रवाई में लगाया गया है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पूरे इलाके को सुरक्षित कर लिया गया है, और देश के भीतर सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
यह कार्रवाई बताती है कि भारत की सुरक्षा एजेंसियां आतंकी मंसूबों को नाकाम करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं, लेकिन डॉक्टर और प्रोफेसर जैसे उच्च-शिक्षित लोगों का आतंकवाद से जुड़ना देश के सामने एक नया और गंभीर सुरक्षा संकट खड़ा करता है।
(Source Disclaimer: यह पोस्ट पुलिस सूत्रों और समाचार रिपोर्टों पर आधारित है)